घाटों के 6 नंबर से कोयले का अवैध कारोबार बेखौफ जारी, प्रशासन मौन
रामगढ़। घाटों के 6 नंबर क्षेत्र में कोयले का अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस पूरे अवैध नेटवर्क की कमान सत्यप्रकाश नामक व्यक्ति ने चंदन, पिंटू, अनिल और राहुल के हाथों में दिया है, जो दिनदहाड़े अवैध खनन और रात के अंधेरे में कोयले की तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे खेल पर पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों की चिंता कहीं नजर नहीं आती।
जेसीबी से धड़ल्ले से खनन, ट्रकों में कोयले की लोडिंग
सूत्रों की मानें तो अवैध खनन के लिए जेसीबी मशीनों का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है। पहाड़ और जंगल की जमीन को छलनी कर कोयला निकाला जा रहा है और फिर उसे भारी ट्रकों में लोड कर बाहर भेजा जा रहा है। यह पूरा काम बिना किसी वैध अनुमति और सुरक्षा मानकों के हो रहा है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
दिन में खनन, रात में तस्करी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कोयला माफिया की कार्यशैली बेहद सुनियोजित है।दिन में खनन कर कोयले को एकत्र किया जाता है
रात में अंधेरे का फायदा उठाकर ट्रकों के जरिए कोयले की ढुलाई की जाती है। रात के समय घाटो के रास्ते लगातार ट्रकों की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, लेकिन डर के कारण कोई खुलकर सामने आने को तैयार नहीं।
पुलिस-वन विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतना बड़ा अवैध कारोबार आखिर प्रशासन की नजरों से कैसे बचा हुआ है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और वन विभाग के अधिकारी सबकुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठे हैं। न तो नियमित छापेमारी हो रही है और न ही जेसीबी व ट्रकों को जब्त किया जा रहा है।
पर्यावरण और राजस्व को भारी नुकसान
इस अवैध खनन से जहां एक ओर जंगल और पहाड़ियों का अस्तित्व खतरे में है, वहीं दूसरी ओर सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोग रातों-रात मालामाल हो रहे हैं, जबकि आम जनता धूल, प्रदूषण और भय के बीच जीने को मजबूर है।
कब टूटेगा कोयला माफिया का नेटवर्क?
घाटों के 6 नंबर क्षेत्र में चल रहा यह अवैध कारोबार प्रशासन के लिए खुली चुनौती बन चुका है। अब देखना यह है कि पुलिस और वन विभाग कब जागते हैं और कोयला माफिया पर शिकंजा कसते हैं, या फिर यह खेल यूं ही बेखौफ चलता रहेगा।
स्थानीय लोगों की मांग है कि उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र को अवैध खनन से बचाया जा सके।


