जीएम की भूमिका संदिग्ध, नहीं दिया कोई सूचना:थाना प्रभारी
थाना प्रभारी को फोन किया, नहीं किया कोई कार्यवाई:जीएम
रामगढ़। रजरप्पा में कोयला तस्करी के विरुद्ध में सीसीएल प्रबंधन द्वारा की गई कार्रवाई का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। मामले में रजरप्पा जीएम और रजरप्पा थाना प्रभारी एक दूसरे पर आरोप लगाया है । जीएम ने सूचना देने के बावजूद थाना प्रभारी पर कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। वहीं थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने जीएम की भूमिका को ही संदिग्ध बता दिया है, बरहाल मामला जो भी हो दो विभागों की लड़ाई में कोयला तस्कर खूब चाँदी काटा रहा है। वह अपने मंसूबे में कामयाब भी हो गए और अपनी हाईवा और थार को भगाने में कामयाब भी हो गया। क्योंकि अब तक मामले में कोई भी वाहन की जब्ती नहीं हुई है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीसीएल प्रबंधन और पुलिस कोयला तस्करों के विरुद्ध कितनी सख्त है।
रजरप्पा थाना प्रभारी ने रखा अपना पक्ष

पूरे प्रकार पर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने कहा कि उन्हें छापामारी की कोई सूचना नहीं मिली थी। सीसीएल प्रबंधन बेवजह का आरोप लगा रही है। अगर उन्होंने अवैध कोयला से लदे हाईवा को जप्त किया था, तो उसे छोड़कर क्यों चले गए। मामले में आरोप लगाने से पहले उन्होंने हमारे सीनियर अधिकारियों को छापेमारी की सूचना क्यों नहीं दी। कृष्ण कुमार ने स्पष्ट कहा कि पूरे प्रकरण में जीएम की भूमिका संदिग्ध है। अगर उनकी कार्रवाई सही था तो उनके पास मेरी गश्ती दल का मोबाइल नंबर रोजाना अपडेट होता है। इसके बावजूद गश्ती दल को फोन नहीं किया गया। जिसे समझा जा सकता है कि जीएम की कार्रवाई में कितनी सच्चाई और ईमानदार था।
थाना प्रभारी के सुलगते सवाल
॰ रेड से पहले सुचना पुलिस को क्यों नहीं दिया ?
॰ मदद नहीं मिला तो सीनियर अधिकारी को सूचित क्यों नहीं किया?
॰ जब हाइवा का चाबी छिन लिया तो वाहन चलाक हाइवा को कैसे ले भागा?
॰ हाइवा के डीजल का टंकी में छेद किया, हवा निकाला तो हाइवा कैसे भाग गया?
॰ जब हाईवा को पकड़ा तो छोड़कर क्यों भागे?
पर्याप्त मात्रा में था उनके पास सुरक्षा गार्ड, फिर जब्त वाहन को छोड़कर क्यों गए?
क्या बोले जीएम

पुलिस के आरोप पर जीएम कल्याणजी प्रसाद ने कहा कि सुबह 4:30 बजे थाना प्रभारी कृष्ण कुमार को हमने फोन किया। इसके बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं किया। पुलिस ने हमारा आवेदन उस वक्त तक नहीं लिया जब तक कोयला तस्कर अपने वाहनों को सुरक्षित नहीं निकाल कर चले गए। अबजब कोयला तस्कर वाहन लेकर भाग गए तब पुलिस सीसीएल प्रबंधन पर ही मनगढ़ंत कहानी बनाकर आरोप लगा रही है। ऐसे में सीसीएल प्रबंधन कोई भी कार्रवाई कैसे करेगी। पुलिस किसी भी मामले में सीसीएल को सपोर्ट नहीं करती है। जिसके कारण कोयला तस्कर हमारे एरिया से कोयला तस्करी कर रहे हैं। इसके पहले भी पुलिस को कई बार आवेदन दी गई है। परंतु पुलिस की कार्रवाई नकारात्मक ही रही है। जब पुलिस को सूचना देने के बाद भी हम पर ही आरोप लगा रहे हैं। तो ऐसे में कोई कैसे संदिग्ध गतिविधि और तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करेगा।


