महुआटांड़। बोकारो जिले का महुआटांड़ थाना क्षेत्र में कोयला तस्करी अब वैध कारोबार का रूप ले लिया है। कोयला तस्कर जंगल के अलावा घनी आबादी के अगल-बगल में भी ट्रकों पर कोयला लोडिंग करने लगा है। कोयला तस्कर दिन के उजाले में अच्छे क्वालिटी का कोयला ट्रकों में मजदूरों से लोडिंग करा रहा है। ताकि कोयला मंडी के बाजारों में उसे ऊंचे दामों पर बेचा जा सके।
खबर बोल के पास आया अवैध कोयला लोडिंग करते वीडियो
महुआटांड़ थाना क्षेत्र के इलाके से एक वीडियो _”खबर बोल”_ के पास पहुंची है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कोयला तस्कर दिन के उजाले में मजदूरों से अच्छे क्वालिटी का कोयला लोडिंग कराया जा रहा है। वीडियो में स्पष्ट दिखेगा की कोयला तस्कर कितना निर्भीक और निडर है। क्योंकि ट्रकों पर अवैध कोयला दिन के उजाले में लादा जा रहा है। जिसे रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। दूसरे मामले में तो पुलिस पाताल में छुपे सूचनाओं को भी कलेक्ट कर लेती है। लेकिन दिन के उजाले में हो रही कोयला तस्करी पर उनकी नजर नहीं जाना ही कई सवालों को जन्म देती है. खैर मामला जो भी तस्कर दोनों हाथ से राज्य की संपति को लूट रहा है।
महुआटांड़ के इलाके में चलता है “वसीम” का “सिक्का “
महुआटांड़ थाना क्षेत्र में कोयला तस्करी और कोयला टपाने वालों के नामों की सूची काफी लंबी है। लेकिन इस इलाके में वसीम नाम का सिक्का चलता है। वसीम इस इलाके में अपना धौंस जमा कर रखा है। क्योंकि वसीम के बारे में जो बात सामने आ रही है। उसमें पता चलता है कि वसीम के माथे पर कोई बड़ा हाथ है। जिसके आशीर्वाद से वसीम किसी भी कोयला तस्कर को आजू-बाजू भटकने नहीं देता है। इसीलिए कोयला चोरों के मंडली में वसीम का नाम बादशाह दिया गया है। वसीम भी बादशाह के अनुरूपी इलाके में अपना बादशाहत कायम कर रखा है। कोयला तस्करों ने वसीम को अपना बॉस भी मानता है। तस्करों का मानना है कि वसीम से दुश्मनी यानी अपने कारोबार से हाथ धोना।


