रामगढ़/महुआटांड़। बोकारो जिला के महुआटांड़ थाना क्षेत्र के धवैया में कोयला तस्करों ने सुरंग का जाल बुन दिया है। अवैध कोयला खनन से बनी जानलेवा सुरंग में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सुरंग का जाल में अवैध खनन करने वाले ग्रामीण जिंदा भी दफ़न हो सकते हैं।
हैवी मशीन लगाकर किया अवैध खनन का जमीन तैयार
क्योंकि कोयला तस्करों ने पहले हैवी मशीन लगाकर अवैध खनन की जमीन तैयार की। इसके बाद आसपास के इलाकों के ग्रामीणों को प्रलोभन देकर अवैध खनन करवा रहा है। जिससे असुरक्षित अवैध खनन के कारण ग्रामीणों की जान जा सकती है। सबकुछ दिन के उजाले में होता है।
बोकारो पुलिस को नहीं है भनक
लेकिन इसकी भनक बोकारो पुलिस को नहीं है। जिसके कारण कोयला तस्कर दिन-रात अवैध खनन मजदूरों से करवा रहा है। मजदूर भी पैसे के लालच में अपने जीवन के साथ खिड़वाड़ कर रहा है। चंद पैसे के लालच में मजदूर असुरक्षित व्यवस्था में काम कर रहा है। जिसके कारण उनकी जिंदगी पर मौत का साया मंडराते रहता है।
अवैध खनन और कारोबार से लाल हो रहा है कोयला तस्कर
कोयला तस्करी बड़े पैमाने पर होने के कारण एक ओर कोयला तस्कर लाल हो रहा है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की जीवन बीच मझधार में लटक रहा है। मजदूर दिन रात अवैध खनन करते हैं और उन्हें मेहनताना तौर पर चंद रुपए की प्राप्ति होती है।
किसके आर्शीवाद से धरती का सीना लहूलुहान कर रहा है कोयला तस्कर
लेकिन कोयला तस्कर रोजाना लाखों रुपए का वारा-न्यारा कर रहा है। जिसके कारण कोयला तस्करों की चमड़ी मोटी होती जा रही है। अब सवाल उठता है कि अवैध कोयले का काले कारोबार में कोयला तस्करों को किसका संरक्षण प्राप्त है। क्योंकि बगैर व्यवस्था को मैनेज किये अवैध कारोबार संचालित नहीं हो सकती है. ऐसे में सवाल उठता है कि कोयला तस्कर किसके आशीर्वाद से धरती का सीना लहूलुहान कर रहा है।


