रामगढ़। रजरप्पा थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई शिव शंकर ज्वैलर्स डकैती की सनसनीखेज घटना का रामगढ़ पुलिस ने रिकॉर्ड समय में खुलासा कर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। महज कुछ ही दिनों के भीतर पुलिस ने इस कांड में शामिल 7 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करते हुए लूटे गए भारी मात्रा में सोना-चांदी के जेवर, हथियार और वाहनों की बरामदगी की है। यह कार्रवाई न सिर्फ पुलिस की तेज़ रणनीति का उदाहरण है, बल्कि अपराधियों के संगठित नेटवर्क पर करारा प्रहार भी है।
दिनदहाड़े वारदात, दहशत में था इलाका
21 अप्रैल 2026 को दोपहर 3:40 बजे, चितरपुर रजरप्पा मोड़ (NH-23) स्थित शिव शंकर ज्वैलर्स में हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोल दिया। दुकान में घुसते ही अपराधियों ने हथियार के बल पर कर्मियों को कब्जे में लिया। कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये के सोना-चांदी के जेवर समेटकर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। दुकानदार विष्णु प्रसाद के बयान पर रजरप्पा थाना कांड संख्या 48/2026 दर्ज किया गया।
पुलिस की हाई-टेक जांच और SIT का गठन
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत (IPS) ने तत्काल SIT (विशेष जांच टीम) का गठन किया।
एसडीपीओ चंदन वत्स के नेतृत्व में टीम ने कई स्तरों पर काम किया। सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण,मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग, तकनीकी सर्विलांस, मानवीय सूचना (ह्यूमन इंटेलिजेंस) इन्हीं आधारों पर अपराधियों की लोकेशन ट्रेस करते हुए झारखंड के कई जिलों के साथ-साथ बिहार के नालंदा तक छापेमारी की गई।
बहु-राज्यीय छापेमारी, ऐसे टूटा गैंग
पुलिस की टीमों ने अलग-अलग जगहों पर एक साथ कार्रवाई की। नालंदा (बिहार): 3 अपराधी (मनीष कुमार, रीना देवी, चंद्रावती देवी) Ertiga कार और जेवर के साथ गिरफ्तार किया। पलामू: 2 अपराधी गिरफ्तार, बाइक और जेवर बरामद, रामगढ़ व रांची: अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की। पूछताछ में सभी ने कबूल किया कि बरामद आभूषण वही हैं, जो ज्वैलर्स दुकान से लूटे गए थे और उन्हें बेचने की तैयारी थी।
गिरफ्तार अपराधियों की प्रोफाइल
इस गिरोह में झारखंड और बिहार के शातिर अपराधी शामिल थे। सुभानी अंसारी उर्फ ललका (रामगढ़) – मुख्य आरोपी, लंबा आपराधिक इतिहास, मनीष कुमार (नालंदा), रीना देवी (नालंदा), चंद्रावती देवी (नालंदा), आनंद कुमार (रांची), अरबाज अंसारी (रांची), नसरूल्ला अंसारी उर्फ राजा (रांची) शामिल हैं।
भारी मात्रा में बरामदगी
पुलिस ने इस कार्रवाई में बड़ी सफलता हासिल करते हुए बरामद किया। 1 पिस्टल और 3 जिंदा कारतूस, 4 वाहन (Ertiga, अपाची बाइक, होंडा शाइन, स्कूटी), मोबाइल फोन और वारदात में पहने गए कपड़े, 90 से अधिक सोना-चांदी के आभूषण, अंगूठी, चेन, मंगलसूत्र, झुमका, लॉकेट, भगवान दुर्गा और बजरंगबली के लॉकेट, चांदी के बर्तन (दीपक, चम्मच, पादुका), कान के टॉप्स, बाली, हार और अन्य कीमती जेवर आदि बरामद किया गया।
मास्टरमाइंड का लंबा आपराधिक इतिहास
मुख्य आरोपी सुभानी अंसारी उर्फ ललका पर पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं। डकैती, लूट, आर्म्स एक्ट, झारखंड के कई थानों के अलावा अन्य राज्यों में भी केस दर्ज है। यह दर्शाता है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय और संगठित तरीके से अपराध कर रहा था।
पुलिस की रणनीति बनी मिसाल
इस पूरे ऑपरेशन में तकनीकी टीम, विभिन्न थानों की पुलिस, आरपीएफ और बिहार पुलिस का समन्वय ने अहम भूमिका निभाई।कम समय में बहु-राज्यीय समन्वय के साथ अपराधियों तक पहुंचना पुलिस की बड़ी रणनीतिक सफलता मानी जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित नेटवर्क की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गैंग का संबंध अन्य डकैती मामलों से तो नहीं है। रामगढ़ एसपी ने साफ संकेत दिया है—
“अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है, हर वारदात का इसी तरह अंजाम होगा।”


