
रामगढ़। जिले के वार्ड संख्या 26, कैथा कुसुम टोला गांव में आस्था, परंपरा और साहस का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब मंडा पर्व के अवसर पर शिवभक्तों ने नंगे पांव दहकते अंगारों पर चलकर अपनी अटूट श्रद्धा का परिचय दिया। यह दृश्य न सिर्फ रोमांचकारी था, बल्कि गांव की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक विश्वास की गहराई को भी दर्शाता है।
परंपरा और विश्वास का जीवंत उत्सव
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 13 अप्रैल को आयोजित इस पर्व में ग्रामीणों की भारी भागीदारी रही। कार्यक्रम की शुरुआत शिवालय मंदिर से माता पार्वती के पाट्ट के साथ हुई, जिसे ढोल-नगाड़ों के साथ पूरे गांव में घुमाया गया। हर घर में जागरण कर भक्तिमय वातावरण बनाया गया। ग्रामीणों ने विधि-विधान से माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर सुख-शांति की कामना की। पूरा गांव भक्ति में सराबोर नजर आया।
36 घंटे का निर्जला उपवास और अग्नि परीक्षा
मंडा पर्व की सबसे खास परंपरा है भोक्ताओं का 36 घंटे का निर्जला उपवास। इस दौरान शिवभक्त पूरी श्रद्धा के साथ भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हैं।
उपवास पूर्ण होने के बाद, सुबह के समय शिवभक्त दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी भक्ति की परीक्षा देते हैं। यह दृश्य श्रद्धा, साहस और विश्वास का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है।
मुखिया देवधारी महतो का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुखिया देवधारी महतो ने कहा कि मंडा पर्व हमारे पूर्वजों की अमूल्य देन है, जो आज भी हमारी आस्था और विश्वास को मजबूत बनाए हुए है। यह पर्व हमें अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़े रखता है। इस अवसर पर वार्ड 27 के रोशन महतो भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
छऊ नृत्य ने बांधा समां
रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत भव्य छऊ नृत्य का आयोजन किया गया। छऊ नृत्य की प्रस्तुति के लिए पुरुलिया, झालदा और सरायकेला-खरसावां से आए कलाकारों ने अपने मुखौटा नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने ग्रामीणों को रातभर बांधे रखा और पूरा माहौल उत्सव में बदल गया।
जनभागीदारी ने बढ़ाई रौनक
इस आयोजन में गांव के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भाग लिया। प्रमुख रूप से ध्यान चंद महतो, मिट्ठू महतो, भोला महतो, अरुण महतो, शेखर कुमार महतो, पवन मुंडा, मनोज महतो, राजू महतो, सतीश महतो, छत्रधारी, दिलीप महतो, राजेंद्र और प्रदीप सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।


