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Home»झारखंड»रामगढ़»कुड़मी आंदोलन के विरुद्ध रामगढ़ में आदिवासियों का महाजुटान, शहर से लेकर समाहरणालय तक जाम, पारंपरिक भेष-भूषा में पहुंचे समाज के लोगों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन, पढ़े खबर
रामगढ़

कुड़मी आंदोलन के विरुद्ध रामगढ़ में आदिवासियों का महाजुटान, शहर से लेकर समाहरणालय तक जाम, पारंपरिक भेष-भूषा में पहुंचे समाज के लोगों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन, पढ़े खबर

खबरबोल एडिटरBy खबरबोल एडिटरSeptember 25, 20253 Mins Read
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रामगढ़ में आदिवासी समाज ने कुड़मी, कुरमी जाति द्वारा आदिवासी समाज में शामिल होने के विरोध में निकाला जुलूस

राष्ट्रपति के नाम डीसी को सौंपा पांच सूत्री मांग पत्र

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आदिवासियों के संवैधानिक हक अधिकारों, राजनीतिक हिस्सेदारी आरक्षण में लगाएं रोक

रामगढ़। कुड़मी, कुरमी जाति समुदाय द्वारा आदिवासी समाज में शामिल होने के विरोध में बुधवार को आदिवासी छात्र संघ के तत्वाधान में विरोध मार्च निकाला गया। विरोध मार्च शहर के बाजार टांड़ स्थित सिद्धू-कान्हु मैदान से आरंभ होकर कैथा, कोठार होते हुए छत्तरमांडू स्थित जिला समाहरणालय पहुंचा। इस दौरान पूरे शहर की यातायात व्यवस्था कुछ घंटे के लिए ठप पड़ गई। लोग इधर-उधर जाते दिखे।

राष्ट्रपति के नाम डीसी को सौंपा पांच सूत्री मांग पत्र

यहां समाज का एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम डीसी को पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि कुड़मी, कुरमी जाति द्वारा हमारे मूल आदिवासी की संवैधानिक हक अधिकार राजनीतिक हिस्सेदारी, प्रतिनिधित्व आरक्षण, नौकरी और जमीन पर हकमरी करने के लिए आदिवासी, अनुसूचित जनजाति बनने की अनुचित दावों का तत्काल रोक लगाया जाए, कुड़मी, कुरमी के द्वारा अनुचित राजनीतिक दवा बनाकर आदिवासी सूची में शामिल होने की मांग या षड्यंत्र पर अभिलंब रोक लगाया जाए एवं आदिवासियों के लिए निर्धारित विशेष संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत सलाह भारत सरकार को दिया जाए, हम आदिवासियों को संविधान द्वारा प्रदत विशेष कानून और अधिकारों को कमजोर करने वाली जैसी भी कोशिश अथवा दुरुपयोग को रोकने के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति गठित की जाए, चुआड़ विद्रोह में रघुनाथ महतो, कॉल विद्रोह में बुली महतो और संथाल विद्रोह में चनकू महतो जैसे नाम के कुछ नायकों को आदिवासी समुदाय के ऐतिहासिक संघर्ष और योगदान को कुड़मी, कुरमी जाति के लोग द्वारा अपने इतिहास में प्रस्तुत करने की साजिश को रोक लगाया जाए, कुड़मी, कुरमी जाति समुदाय द्वारा आदिवासी जनजाति एसटी बनने की मांग को लेकर असंवैधानिक और अनुचित तरीके से रेल टेका डहर छेका कार्यक्रम के द्वारा रेल परिचालन रोकने, सरकारी राजस्व की हानि पहुंचाने जैसे कानूनी कार्यों में शामिल लोगों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाए, कुड़मी, कुरमी जाति अधिकांश लोग परंपरागत रूप से कृषि कार्य से जुड़ा है, हिंदू धर्म के अनुसार कुड़मी, कुरमी हिंदुओं की एक जाती है कुड़मी, कुरमी भारत सरकार के प्राचीन कृषि जाति के रूप में जाना जाता है और यह लोग अपने छत्रपति शिवाजी महाराज, छत्रपति संभाजी महाराज के वंशज कल आते हैं जो उच्च कोटि कुड़मी, कुरमी जाति से आते है, गलत हुआ फर्जी इतिहास बता कर एसटी बनने की मांग करता है जो अनुचित है इसे रोक लगाया जाए मांग शामिल है।

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