अजय कुमार सिंह व पवन कुमार सिंह इनरोल्मेंट के दौरान गलत शपथ पत्र दायर किया : आनंद अग्रवाल
रामगढ़। इनरोल्मेंट के दौरान गलत शपथ पत्र दायर करने के आरोप में जिला अधिवक्ता संघ ने कड़ा रूख किया है। बैठक कर दो अधिवक्ता अजय कुमार सिंह व पवन कुमार सिंह की सदस्यता को रद्द किया है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल ने बताया कि दोनों अधिवक्ताओं ने इनरोल्मेंट के दौरान गलत शपथ पत्र दायर कर अंडरटेकिंग का उलंघन किया है। अधिवक्ता ऋषि कुमार महतो के नेतृत्व में टीम की जांच रिर्पोट में खुलासा होने के बाद कार्यकारिणी की बैठक दोनों अधिवक्ताओं की सदस्यता को रद्द करने का निर्णय लिया है।
क्या है पूरा मामला
आशीष कुमार नामक व्यक्ति ने जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष को आवेदन देकर अधिवक्ता अजय कुमार सिंह व पवन कुमार सिंह पर अधिवक्ता संघ रामगढ़ में इनरोल्मेंट के दौरान गलत शपथ पत्र दायर करने का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि दोनों अधविक्ताओं पर रामगढ़ थाना कांड संख्या 329/2016, 131/2019, 134/2019, 356/2020 एवं पतरातू थाना कांड संख्या 228/2020 दर्ज हैं। जिसके बाद अगस्त माह में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। जिसमें बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ऋषी महतो, सह कोषाध्यक्ष बीकेश रंजन, कार्यकारिणी सदस्य द्वारिका प्रसाद और जगत महतो को मामले की जांच कर रिर्पोट सौंपने का निर्देश दिया गया।
जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा
जांच के दौरान पाया गया कि दोनों अधिवक्ताओं पर रामगढ़ थाना एवं पतरातु में उनके विरूद्ध अपराधिक मामले दर्ज हैं। साथ ही झारखंड उच्च न्यायाल में इनरोल्मेंट संबंधित तथ्यों की जानकारी होने के बावजूद जानबूझ कर छिपाकर जिला अधिवक्ता संघ रामगढ़ में अपना इनरोल्मेंट कराया। इतना ही नहीं अजय कुमार सिंह अधिवक्ता को झारखंड स्टेट बार काउंसिल द्वारा प्रोविजनल सर्टीफिकेट भी 16 मई 2024 तक के लिये निर्गत किया गया था। उक्त अवधि के बावजूद भी अजय कुमार सिंह द्वारा नियमित रूप से अधिवक्ता के रूप में न्यायालय में उपस्थित होकर न्यायिक कार्यो का निष्पादन किया जा रहा था। जो एक अपराधिक कृत्य है।
दोनों अधिवक्ता ने भी रखा अपना पक्ष
अधिवक्ता अजय व पवन कुमार सिंह ने बताया कि उनका इनरोल्मेंट झारखंड उच्च न्यायालय के बार काउंसिंल से है। वे रामगढ़ बार काउंसिल के सदस्य नहीं है। जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव ने उन्हें एनओसी भी दिया है।


