शिक्षा एक अनमोल रत्न, शिक्षक के बिना शिक्षा अधूरा : बी एन साह
रामगढ़। शिक्षक दिवस पर शुक्रवार को शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन और विश्वविद्यालय के संस्थापक स्व गोविंद साह एवं राधा देवी के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उसके बाद सभी अतिथियों को
पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि डॉ प्रदीप कुमार बालमुचू , पूर्व सांसद, विशिष्ट अतिथि रामाकांत आनंद, प्रदेश सचिव कांग्रेस कमिटी, सी पी संतन समाजसेवी, सोनू कुमार उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी एन साह, सचिव प्रियंका कुमारी, कुलपति प्रो डॉ रश्मि, कुलसचिव प्रो डॉ निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो डॉ अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, मीडिया प्रभारी डॉ संजय सिंह, डॉ अनिल कुमार, राधा गोविंद सीनियर सेकेंडरी प्राचार्य डॉ सुजीत कुमार मोहंती, इंटर कॉलेज प्राचार्या डॉ सोमा पांडेय मौजूद रहे। स्वागत भाषण कुलसचिव प्रो डॉ निर्मल कुमार मंडल ने दिया। उन्होंने सभी अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन, स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
डॉ प्रदीप बालमुचू ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा संस्कार की जननी है। शिक्षक दिवस केवल सम्मान का दिन नहीं है बल्कि हमें यह भी याद दिलाता है कि शिक्षक समाज की रीढ़ है उनके बिना ना तो ज्ञान का
संचार संभव है और न ही विद्यार्थियों का सही मार्गदर्शन। अंत में शिक्षक दिवस हार्दिक बधाई दिए। समाजसेवी सी पी संतन ने शिक्षक दिवस पर सभी छात्रों को आशीर्वाद दिया और कहा कि बच्चे भविष्य का निर्माता होते है। विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इसके बाद कुलाधिपति बी एन साह एवं सचिव प्रियंका कुमारी ने सभी अधिकारीगणों, शिक्षकगणों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारीगणो को अंगवस्त्र भेंट, पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। कुलाधिपति बी एन साह ने अपने संबोधन में शिक्षक दिवस कि हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दिए और उन्होंने कहा कि शिक्षक के बिना ज्ञान अधूरा रहता है। शिक्षक छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ अच्छे संस्कार देते है और शिक्षक के बदौलत ही अच्छे समाज का निर्माण होता है।
रामाकांत आनंद ने कहा कि व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान है। सचिव प्रियंका कुमारी ने सभी शिक्षकों से आग्रह करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखें और छात्रों में घट रहे नैतिक ज्ञान के अवसरों को बढ़ावा दे।
कुलपति प्रो (डॉ) रश्मि ने कहा कि शिक्षण संस्थान केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि छात्रों को अच्छे आचरण, नैतिक मूल्यों तथा सामाजिक , अनुशासित , सदाचारी व जिम्मेदार व्यक्ति बनाने का पवित्र स्थान भी है। संजय सिंह मीडिया प्रभारी ने का कहा कि शिक्षक सिर्फ पढ़ते ही नहीं , बल्कि हमें जीवन जीने का तरीका सीखते है। शिक्षा के साथ संस्कार देने का कार्य करते है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ रंजना पांडेय और अमरेश पांडेय ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। मौके पर विभिन्न विभागों के व्याख्यातागण, कर्मचारीगण एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।


